Wednesday, 1 June 2011

तेरा वजूद


"तेरा वजूद है कायम मेरे दिल में उस इक बूँद की तरह,
जो गिर कर सीप में इक दिन मोती बन गयी....."
 
 

29 comments:

  1. वाह क्या बात है...... what a thought..

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  2. बहुत सुन्दर्।

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  3. वाह! क्या बात है! बहुत खूब लिखा है आपने!

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  4. निहायत खूबसूरत शेर ....

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  5. just excellent...!

    ***punam***
    bas yun hi..

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  6. .


    तेरा वजूद है कायम मेरे दिल में …

    क्या बात है …
    मानव मेहता जी

    मन की बात कहने के लिए पन्ने रंगने की ज़रूरत नहीं होती …
    दो पंक्तियां ही पर्याप्त होती हैं …
    आपकी तरह ! बहुत सुंदर !!

    विलंब से ही सही…
    ♥ स्वतंत्रतादिवस सहित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !♥
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  7. बहुत अच्छी पंक्तियाँ ...

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  8. बहुत सुन्दर प्रभावशाली प्रस्तुति, बधाई.



    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारें , अपनी राय देकर हमारा मार्गदर्शन करें.

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  9. कितनी अच्छी बात है न :)

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  10. इसके बाद की भाव कणिकाएं भी पढ़ीं ,अच्छा लिख रहें हैं आप .

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  11. सुन्दर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।
    http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/02/blog-post_25.html
    http://dineshpareek19.blogspot.in/2012/03/blog-post_12.html

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  12. तेरा वजूद है कायम मेरे दिल में उस इक बूंद की तरह
    जो गिर कर सीप में इक दिन मोती बन गई ....

    बहूऊत खूऊऊब.......!!

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  13. aap sabhi mitrjano'n ka bahut bahut shukriya... yun hi pyaar dete rahein...:)

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  14. wahhh....kamal ka likhte hai aap..badhai
    http://ehsaasmere.blogspot.in/

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